NRI Property: NRI को India में Property बेचना हुआ आसान - PAN से होगा काम, TAN ख़त्म | पढ़िए पूरी जानकारी
- 1 October 2026 से NRI को property बेचना हुआ आसान।
- TAN की जरुरत न होने से property खरीदने वाले के लिए आसानी।
- TDS रेट वही पुराना है Long term property पर 12.5%
- Short term पर slab rate लागू रहेगा।

October 2026 से NRIs को इंडियन प्रॉपर्टीज बेचना हुआ आसान
भारतीय फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने 1 October 2026 से एक नया बदलाव किया है अब अगर आप अपनी प्रॉपर्टी इंडिया मे बेचना चाहते हैं तो बड़ी ही आसानी से बेच सकते हैं ।
पहले प्रॉपर्टी को लेकर क्या था क़ानून ?
अगर आप के पास भी NRI स्टेटस है यानि की अगर आप UAE ही नहीं बल्कि किसी भी दूसरे देश में रहते हैं तो आपने देखा होगा की पहले अगर आपकी कोई प्रॉपर्टी इंडिया में है तो उसके लिए आपके खरीददार को TAN (Tax Deduction Account Number ) नंबर लेना होता था जिससे बहुत समस्या होती थी और खरीददार NRI प्रॉपर्टी से दूरी बना लेता था।
TDS कैलकुलेट करके TAN से चालान भरना पड़ता था इसके साथ ही हर तीन महीने में Form27 Q फाइल करना पड़ता था।
यही नहीं अगर कोई गलती होती थी तो पेनल्टी अलग से भरनी पड़ती थी यही कारण था की वहाँ का खरीददार इन सब झमेलों से बचने के लिए NRI की प्रॉपर्टीज खरीदने से दूर ही हो जाते थे।
अब ऐसी स्तिथि आने पर Dubai या Abu Dhabi में रहने वाले NRI अपनी इंडियन प्रॉपर्टी को बेचने के लिए agents को ज्यादा कमीशन देते थे और उनका नुकसान होता था।
Foreign Assets छुपाना पड़ सकता है भारी
बजट 2026 के नए कानून के हिसाब से अब पुरानी गलतिया सुधारने का सही समय है वरना आपके लिए समस्या आ सकती है।
बजट 2026 में Foreign Assets of Small Taxpayers Disclosure Scheme (FAST-DS 2026) भी सामिल की गई है जिसके तहत अगर आपके पास कोई फॉरेन एसेट हैं जो पहले आपने डिक्लेअर नहीं की है तो अब उसे डिक्लेअर करना पड़ेगा जैसे पुराने बैंक अकाउंट , कंपनी शेयर या कोई प्रॉपर्टी।
नए प्रॉपर्टी क़ानून में क्या बदलाव हुआ है ?
1 October 2026 के बाद किसी भी NRI की प्रॉपर्टी इंडिया में है उसे ख़रीदने के लिए वहाँ के खरीददार को TAN नम्बर लेने की ज़रूरत नहीं है।
अब वह सिर्फ़ अपना पैन कार्ड यूज़ करके टीडीएस/TDS भर सकता है। अब उसे तिमाही रिटर्न भी नहीं भरना पड़ेगा और ये ट्रांजेक्शन बिलकुल ऐसा हो गया है जैसे वहाँ पर रहने वाले दो रेसिडेंट एक दूसरे से प्रॉपर्टी ख़रीदते या बेचते हैं ।
TDS रेट में नहीं हुआ है बदलाव
1 October 2026 से हुए इस बदलाव में ये बात ध्यान रखने वाली है की TDS रेट में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। ट्रांज़ैक्शन को अब आसान बना दिया गया है लेकिन खास बात ये है ही खर्चे लगभग अभी भी वही हैं।
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Form 128 सभी उन NRI के लिए बहुत जरूरी है जो अपनी प्रॉपर्टी इंडिया में बेचना चाहते हैं बेचने पर उन्हें TDS देना पड़ता है।
उदाहरण के लिए मान लीजिये की आपने लखनऊ में एक फ्लैट 50 लाख में खरीदा था और अब आप उसे 70 लाख में बेच रहे हैं तो उस हिसाब से TDS आपको पूरे 70 लाख पर कटवाना पड़ेगा लेकिन अगर आपने Form 128 का इस्तेमाल किया है तो आपका TDS सिर्फ आपके प्रॉफिट जोकि 20 लाख है पर ही कटवाना पड़ेगा।
form 128 आप ऑनलाइन पोर्टल पर अप्लाई कर सकते है जो की 2-4 हफ्ते में आ जाता है।
UAE के NRI को डबल टैक्स से बचाव
UAE में रहने वाले भारतियों के लिए खुशखबरी ये है की UAE और INDIA के बीच दोहरे टैक्स से बचने के लिए DTAA लागू किया गया है।
अगर आपने इंडिया में किसी प्रॉपर्टी पर टैक्स दिया है तो यहाँ UAE में उसकी इनकम पर आपसे टैक्स नहीं लिया जायेगा। इसके लिए आपको UAE में FTA से TRC (Tax Residency Certificate) लेना होगा।
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नया सिस्टम जो बजट 2026 के अन्तर्गत आता है वह 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। यानि की 30 सितम्बर 2026 तक अगर आप कोई प्रॉपर्टी बेच रहे हैं तो उसके लिए खरीददार को TAN लेना ही पड़ेगा तो इससे बेहतर की अगर आप एक NRI हैं तो अपनी प्रॉपर्टी को 1 October 2026 के बाद ही बेचें उससे आपको आसानी भी होगी और खरीददार को भी आसानी होगी।
हो सकता है की आपकी प्रॉपर्टी को बेचने ग्राहक भी ज्यादा मिलें और एजेंट्स को कमीशन भी कम देनी पड़े।
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