UAE में काम करने वाले भारतीयों की ग्रेच्युटी के बारे में 5 बड़ी गलतियाँ जो उनकी मेहनत की कमाई डुबा देती है
- 1 साल से कम की सर्विस में ग्रेच्युटी नहीं बनती है ।
- ग्रेच्युटी कुल सैलरी पर नहीं बल्कि बेसिक सैलरी पर मिलती है ।
- अधिकतम ग्रेच्युटी 2 साल की कुल बेसिक सैलरी से ज्यादा नहीं हो सकती ।
- Free Zone के कर्मचारियों पर ग्रेच्युटी के अलग नियम लागू होते हैं ।

UAE Gratuity कैलक्यूलेटर इंडियन वर्कर
एक एक साल मेहनत करके जब कोई वर्कर नौकरी बदलता है या नौकरी पूरी करके अपने वतन वापस लौटता है तो ग्रेच्युटी में एक साथ मिली रकम एक बड़े सहारे की तरह होती है । और हो भी क्यू न आखिर UAE या Gulf में काम कर रहे भारतीय अपना सब कुछ पीछे वही छोड़ कर आ जाते हैं ।
UAE में आने के बाद क्या तीज क्या त्योहार, कोई अपने बूढ़े माँ बाप को छोड़ कर तो कोई अपने छोटे छोटे बच्चों को छोड़कर यहाँ छोटे छोटे सपने पूरे करने आया होता है ।
लेकिन सच ये है की बहुत से भारतीय वर्कर यहाँ कई सालों की नौकरी करने के बाद भी ग्रेच्युटी के पैसों का सही हिसाब नही लगा पाते हैं ।
आज हम यहाँ उन 5 सबसे बड़ी गलतियों के बारे मे बात करेंगे जो अक्सर भारतीय वर्कर्स ग्रेच्युटी का हिसाब करते वक्त करते हैं ।
गलती No 1: ग्रेच्युटी पूरी सैलरी पर कैलक्यूलेट करना
UAE में काम करने वाले हमारे भारतीय भाई बहन ग्रेच्युटी का हिसाब लगाते समय सबसे बड़ी गलती ये करते हैं की वो अपनी पूरी सैलरी जो उन्हे हर महीने मिलती है उस पर ग्रेच्युटी को जोड़ने लगते हैं ।
कई बार तो इन वर्कर्स की कंपनी के HR से भी बिना मतलब ही बहस हो जाती है क्युकी इनको पता नही होता की ग्रेच्युटी कभी भी पूरी सैलरी पर नही जोड़ी जाती है ।
पूरी सैलरी मे हाउस रेंट अलाउंस, ट्रांसपोर्ट अलाउंस और कई तरीके के अलाउंस भी शामिल होते हैं । लेकिन ग्रेच्युटी सिर्फ आपकी बेसिक सैलरी पर ही कैलक्यूलेट होती है ।
अगर आपको नही पता की आपकी बेसिक सैलरी कितनी है तो आप अपने कंपनी के HR या मैनेजर से पूंछ सकते हैं या फिर अपने लेबर कान्ट्रैक्ट पर अपनी बेसिक सैलरी देख सकते हैं ।
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कुल टोटल सैलरी को ग्रोस सैलरी भी कहते हैं और इसमे बेसिक सैलरी के साथ साथ कई तरीके के अलाउंस जुड़े होते हैं जो कंपनी आपको देती है ।
- बेसिक सैलरी
- हाउस रेंट अलाउंस
- मेडिकल अलाउंस
- ट्रांसपोर्ट अलाउंस
- ओवर टाइम
इसके साथ साथ और भी तरीके के अलाउंस कंपनी देती है लेकिन ये अलग अलग कंपनी के हिसाब से हो सकता है ।
उदाहरण : अगर आप की मासिक सैलरी 8,000 दिरहम है और कान्ट्रैक्ट के हिसाब से बेसिक सैलरी 5,000 दिरहम है तो ग्रेच्युटी सिर्फ 5,000 दिरहम के ऊपर कैलक्यूलेट की जाएगी न की 8,000 दिरहम पर ।
गलती No 2: एक साल से पहले नौकरी छोड़ने पर ग्रेच्युटी मांगना
UAE Labor Law के हिसाब से वर्कर को कंपनी मे ग्रेच्युटी पाने के लिए कम से कम 1 साल की नौकरी पूरी करनी पड़ती है ।
वैसे सामान्यतः UAE में वर्कर्स के लिए 2 साल की नौकरी का कान्ट्रैक्ट बनता है और इस 2 साल के कान्ट्रैक्ट मे कम से कम एक साल की नौकरी पूरी करोगे तभी आप ग्रेच्युटी के हकदार हो ।
इसलिए अगली बार अगर आप नौकरी बदलने की सोच रहे हैं तो याद रखिएगा की कम से कम एक साल की नौकरी के बाद ही आप ग्रेच्युटी के लिए कह सकते हैं ।
यह भी पढ़ें:UAE सरकार ने बदला सैलरी का नियमगलती No 3: खुद नौकरी छोड़ना या कंपनी द्वारा निकाले जाने पर एक जैसी ग्रेच्युटी समझना
UAE में प्राइवेट कंपनी मे काम करने वालों के लिए 2 तरीके के लेबर कान्ट्रैक्ट होते थे जिन्हे लिमिटेड कान्ट्रैक्ट और अनलिमिटेड कान्ट्रैक्ट कहते हैं ।
2023 के नए UAE Labor Law के बाद अब लगभग सभी कान्ट्रैक्ट को Fixed-Term का बना दिया गया है । आप अपने लेबर कान्ट्रैक्ट मे लिखा देख सकते हैं की उसका टर्म कितने वर्ष का है।
इसलिए अब कंपनी से आप इस्तीफ़ा दो, कान्ट्रैक्ट पूरा करो या कंपनी आपको निकाले सभी स्तिथि में आपको ग्रटूइटी मिलेगी लेकिन शर्त ये है की आपने कम से कम एक साल पूरा किया हो ।
गलती No 4: ग्रेच्युटी का फार्मूला हर वर्कर के लिए एक जैसा समझना
हमारे भारतीय लोग UAE की ग्रेच्युटी का हिसाब लगाते समय एक और गलती करते हैं और वो ये है की हर वर्कर की ग्रेच्युटी का हिसाब एक जैसा मानते हैं लेकिन UAE Labor Law के हिसाब से ऐसा नही होता ।
MoHRE के हिसाब से अगर कोई वर्कर किसी कंपनी मे 5 साल या उससे कम नौकरी करता है तो उसे हर साल 21 दिनों के बेसिक सैलरी की ग्रेच्युटी मिलती है लेकिन अगर आपने 5 साल से ज्यादा काम किया है तो पहले 5 साल तक 21 दिन और उसके बाद के सालों के लिए 30 दिन की बेसिक सैलरी हर वर्ष ग्रेच्युटी मे दी जाती है ।
उदाहरण : राजकुमार जो UAE की एक प्राइवेट कंपनी में सुपरवाइज़र की नौकरी करता है और उसकी कुल सैलरी 7,000 दिरहम है लेकिन उसके लेबर कान्ट्रैक्ट पर बेसिक सैलरी 4,000 लिखी है और उसने कंपनी में 8 वर्ष तक काम किया ।
पहले 5 साल : (4,000/30) x 21 x 5 = AED 14,000
अगले 3 साल : (4,000/30) x 30 x 3 = AED 12,000
कुल ग्रेच्युटी: AED 14,000+AED 12,000 = AED 26,000
आसान तरीके से अपनी ग्रेच्युटी का हिसाब लगाने के लिए हमारे UAE Gratuity Calculator का उपयोग कर सकते हैं ।
गलती No 5: Free Zone और Main Land को एक जैसा समझना
UAE की main land कंपनी और Free Zone कंपनी में ग्रेच्युटी का हिसाब अलग हो सकता है अगर आप DIFC या ADGM जैसे Free Zone में काम करते हैं तो उन पर अलग तरीके से ग्रेच्युटी के नियम लागू होते हैं ।
इसलिए अगर आप UAE के किसी Free Zone में काम करते हैं तो अपनी ग्रेच्युटी के लिए कंपनी के HR से संपर्क कर सकते हैं ।
कंपनी का HR आपको End of service scheme के बारे में जानकारी दे देगा ।
कंपनी ग्रेच्युटी न दे तो शिकायत कहाँ करें ?
MoHRE के हिसाब से अगर आपने कंपनी से इस्तीफा दिया है, कंपनी ने आपको निकाल दिया है या फिर आपने अपना कान्ट्रैक्ट पूरा कर लिया है इन तीनों स्तिथियों में कंपनी को आपके आखिरी काम वाले दिन से 14 दिन के अंदर ग्रेच्युटी देनी चाहिए ।
अगर आपकी कंपनी आपको ग्रेच्युटी नही दे रही तो MoHRE की वेबसाईट पर जाकर online शिकायत दर्ज कर सकते हैं ।
MoHRE को 800-60 पर काल करके भी शिकायत कर सकते हैं ।
UAE में काम करने वाले हर भारतीय को अपनी ग्रेच्युटी का हिसाब लगाने का ज्ञान होना चाहिए जिससे आपकी मेहनत और हक की कमाई का पैसा कोई न मार सके ।
आप हमारे UAE Gratuity Calculator का उपयोग करके आसानी से अपनी ग्रेच्युटी का हिसाब लगा सकते हैं ।
यह लेख UAE में काम करने वाले भारतीय वर्कर्स की मदद और उनकी सामान्य जानकारी के लिए है किसी भी विवाद की स्तिथि में आपको MoHRE या किसी legal advisor से संपर्क करना चाहिए ।
















