Hypersonic Tech: Hypersonic Missile क्या होती है ? कैसे काम करती है ? आसान भाषा में समझे इसकी पूरी तकनीक।
- Hypersonic Missile की गति Mach 5+ होती है।
- अमेरिका, रूस, चीन और भारत इस क्लब में शामिल।

Hypersonic Missile
नयी पीढ़ी की तकनीक ने अब मिसाइलों को बहुत तेज़ और घातक बना दिया है। ये मिसाइलें अब आसानी से रडार की आँखों में धूल झोंककर आगे निकल जाती हैं। इस तकनीक का नाम है Hypersonic Missile
आज दुनिया के बड़े बड़े डिफेन्स सिस्टम के आगे इन मिसाइलों को रोक कर गिराने की चुनौती है।
Hypersonic मिसाइल क्या होता है ?
हाइपरसोनिक मिसाइल वो मिसाइल है जो हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी पर आधारित है जिसकी स्पीड ध्वनि की गति 1235 किमी / घंटा से 5 गुना या उससे भी कही ज्यादा हो सकती है।
यह मिसाइल कुछ ही मिनटों में एक देश से दूसरे देश हज़ारो किलोमीटर तक का सफर कर सकती है।
मिसाइलों की तकनीक में इससे पहले भी एक तकनीक इस्तेमाल की जाती रही है जिसे अभी भी बहुत सारे देश इस्तेमाल करते हैं वो है Supersonic technology सामान्तयः 1-5 Mach की स्पीड वाली मिसाइल को Supersonic Missile कहते हैं।
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Hypersonic Missile कैसे काम करती है ?
हाइपरसोनिक मिसाइल की टेक्नोलॉजी multi stage propulsion और advanced aerodynamics का कॉम्बिनेशन होता है।
इसमें सॉलिड राकेट फ्यूल का इस्तेमाल होता है। जो लांच के समय instant thrust देता है जो मिसाइल को अचानक बहुत तेज़ स्पीड देता है।
एडवांस लेवल पर कभी कभी लिक्विड फ्यूल का भी इस्तेमाल होता है। एडवांस लेवल का फ्यूल जलने से बहुत गर्म हवा बनती है जो मिसाइल से बाहर निकलते समय मिसाइल को बहुत स्पीड से आगे की ओर धक्का मारती है यहाँ Newton का तीसरा नियम काम करता है।
Hypersonic Missile इतनी खतरनाक क्यों होती है ?
Hypersonic Missile की स्पीड बहुत ज्यादा होती है यह स्पीड इतनी ज्यादा होती है की अच्छे से अच्छे डिफेन्स सिस्टम भी इसको जल्दी पकड़ नहीं पाता।
यह मिसाइल साधारण मिसाइलों की तरह सीधी लाइन में नहीं चलती बल्कि अपना रास्ता बदलने की काबिलियत रखती है।
जिस जगह से यह मिसाइल छोड़ी जाती है वहाँ से ये पहले ऊपर अंतरिक्ष की तरफ जाती है फिर टारगेट की जगह पर सीधी उसके ऊपर गिरती है जिसकी वजह से डिफेन्स सिस्टम के राडार को इसे पकड़ने का टाइम बहुत कम मिलता है।
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Hypersonic Technology अभी तक किन देशों के पास है ?
आज के समय में बहुत सारे देश अपनी सैन्य शक्ति को बढ़ाने में लगे हुए हैं और कई देश हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी को पाना चाहते हैं लेकिन कुछ देश ऐसे भी हैं जिन्होंने ये तकनीक विकसित कर ली है जिनमे से अमेरिका, रूस, चीन और भारत ( development stage ) हैं।
Hypersonic technology विकसित करना आसान नहीं है बल्कि इसके लिए बहुत कुशल engineering, fund और समय लगता है।
हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी का सिविलियन इस्तेमाल
हम सभी चाहते है की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल मानवता की भलाई के लिए होना चाहिए और हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी इससे दूर नहीं रह सकती।
Hypersonic स्पीड वाले प्लेन का इस्तमाल ultra-fast ट्रेवलिंग के साथ साथ फ़ास्ट स्पेस ट्रांस्पोर्टशन में किया जा सकता है। जिससे लोगो के समय की भी बचत होगी।
Hypersonic Missile में सबसे बड़ी चुनौती
Hypersonic Missile बनाने में सबसे बड़ी समस्या ये है की इस मिसाइल में जो इंजन लगता है वो बहुत ही खास टेक्नोलॉजी वाला होता है जिसे डेवेलप करना आसान नहीं है, दूसरी चीज ये मिसाइल का इंजन फ्यूल का उपयोग करके बहुत सारी हीट (Heat) देता है जिससे मिसाइल के अंदर लगे पार्ट्स ही गलने लगते हैं।
Hypersonic Missile की सफलता पूर्वक बनाने के लिए इसकी हीट से मिसाइल को खुद ही बचाना भी एक चुनौती है।
इसकी हीट से इसके अंदर लगे इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स और इसके सरफेस को बचाना एक कड़ी चुनौती होती है इसलिए अभी तक पूरी दुनिया में कुछ खास देशों ने ही इस टेक्नोलॉजी को सफलता पूर्वक बनाया है।
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Hypersonic Missile vs Normal Missile
| Feature | Hypersonic Missile | Normal Missile |
|---|---|---|
| Speed | Mach 5+ | Mach 1-5 |
| Path | Dynamic | Fixed |
| Detection | Difficult | Easy |
| Cost | Expensive | Cheaper |
| Technology | High | Low |















