कुवैत दे रहा है अब 15 साल की गोल्डन रेसिडेंसी, जानें कौन कर सकता है अप्लाई
कुवैत में बिजनेस या इन्वेस्टमेंट करने वाले भारतीयों के लिए ये नई लॉन्ग-टर्म रेसिडेंसी स्कीम एक बड़ा मौका हो सकती है।

कुवैत ने विदेशी निवेशकों, सीनियर एग्जीक्यूटिव्स और उनके परिवारों के लिए 15 साल की गोल्डन रेसिडेंसी स्कीम शुरू की है। ये नई परमिट Cabinet Resolution No. 651 of 2026 के तहत लागू होती है, जिसे जून 2026 में पब्लिश किया गया था।
इस स्कीम का पहला परमिट मशहूर भारतीय बिजनेसमैन यूसुफ अली को दिया गया, जो नए नियम लागू होने के करीब एक महीने बाद जारी हुआ। इस रेसिडेंसी के लिए काबिल होने के लिए इन्वेस्टमेंट एंटिटी के पास वैध Kuwait Direct Investment Promotion Authority लाइसेंस होना जरूरी है। इसके अलावा कंपनियों को मिनिमम इन्वेस्टमेंट, कैपिटल, एम्प्लॉयमेंट और ऑपरेटिंग से जुड़ी शर्तें भी पूरी करनी होंगी।
गल्फ में बड़े पैमाने पर बिजनेस कर रहे भारतीय निवेशकों के लिए ऐसी लॉन्ग-टर्म रेसिडेंसी स्कीम्स फैमिली स्टेबिलिटी और बिजनेस प्लानिंग दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं, हालांकि एलिजिबिलिटी की शर्तें पहले अच्छी तरह समझ लेनी चाहिए।
arabsamachar.com आपको ये बताना चाहता है की UAE पहले ही ऐसी लॉंग टर्म रेज़िडन्सी गोल्डन वीजा के नाम पर लांच कर चुका है और जिसमे दिन प्रतिदिन आवेदनों की संख्या बढ़ रही है । गोल्डन वीजा होल्डर्स मे एक बड़ी तादाद भारतीयों की भी है ।
Source: Arabian Business
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