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26 जुलाई 2026 की 10 खास खबरें

25-07-2026 की खबरें|अगली खबरें →

संकलन एवं संपादन: अमर दीप द्विवेदी

9 min read

26 जुलाई 2026 की दुनिया भर से 10 सबसे खास खबरें अपने पाठकों के लिए लाया है अरब समाचार

07:44 PM, Jul 26, 2026

दुबई में खुला नया Animal Welfare Shelter, पेट एडॉप्शन को मिलेगा बढ़ावा

दुबई में पालतू जानवर रखने या एडॉप्ट करने में दिलचस्पी रखने वाले भारतीय परिवारों के लिए ये नई सुविधा जानना उपयोगी है।

सफेद बिल्ली
Image Credit : Natalia Sevruk / Pexels

Dubai Municipality ने वारसान इलाके के Birds and Pets Market में एक नया इंटीग्रेटेड Animal Welfare Shelter खोला है। इस शेल्टर का मकसद वेटरनरी सर्विसेज को और बेहतर बनाना, साथ ही एनिमल वेलफेयर, जिम्मेदार पेट ओनरशिप और एडॉप्शन को बढ़ावा देना है।

ये प्रोजेक्ट खासतौर पर स्ट्रीट पर रहने वाले और छोड़े गए जानवरों को एक सुरक्षित और मानवीय माहौल देने के लिए बनाया गया है। इसका उद्देश्य जिम्मेदार एडॉप्शन को बढ़ावा देना और सड़कों पर रहने वाले जानवरों की संख्या कम करना है।

शेल्टर इंटरनेशनल वेटरनरी और एनिमल वेलफेयर स्टैंडर्ड्स के हिसाब से देखभाल देता है, जिसमें रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम्स भी शामिल हैं ताकि जानवर एडॉप्शन के लिए तैयार हो सकें और उन्हें सही घर मिल सके।

arabsamachar.com की नजर से: दुबई में रहने वाले कई भारतीय परिवार पालतू जानवर एडॉप्ट करना चाहते हैं। ये नया शेल्टर उनके लिए एक भरोसेमंद और जिम्मेदार तरीका है जानवर अपनाने का, बजाय पेट शॉप्स से खरीदने के। कुत्ते और बिल्ली या मछली घर पर रखने वालों मे एक बड़ी तादाद भारतीयों की है ।

Source : Dubai Media Office

06:03 PM, Jul 26, 2026

Moody's: Fujairah टर्मिनल से Jebel Ali कार्गो को मिलेगा नया रास्ता

UAE की ट्रेड और शिपिंग इंडस्ट्री में काम करने वाले भारतीयों के लिए ये खबर जरूरी है, क्योंकि इससे बिजनेस स्टेबिलिटी और आगे के मौके दोनों जुड़े हैं।

कार्गो शिप टर्मिनल पर
Image Credit : Oleksiy Yeshtokyn / Pexels

Moody's Ratings के मुताबिक, UAE के प्रस्तावित नए Fujairah टर्मिनल देश को इम्पोर्ट्स के लिए एक और रास्ता देंगे, री-एक्सपोर्ट ट्रेड को सुरक्षित रखेंगे और इकॉनमी की एक ही मेरीटाइम गेटवे पर निर्भरता कम करेंगे।

शुक्रवार को जारी एक रिसर्च नोट में Moody's ने बताया कि ये नए टर्मिनल फ्री जोन टेनेंट्स को इम्पोर्ट और री-एक्सपोर्ट के लिए एक वैकल्पिक रूट देंगे, जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने जैसी स्थिति में होने वाले नुकसान को कम किया जा सकेगा।

arabsamachar.com की नजर से: Jebel Ali पर निर्भरता कम होने से UAE की ट्रेड इंडस्ट्री ज्यादा मजबूत और सुरक्षित बनेगी, जिसका सीधा फायदा शिपिंग, लॉजिस्टिक्स और ट्रेड सेक्टर में काम कर रहे भारतीय प्रोफेशनल्स को भी मिल सकता है।

Fujairah टर्मिनल सीधे अरब सागर से मिलता है जिसकी वजह से होरमुज्ज को भी बाइ पास किया जा सकेगा और भारत तक trade भी आसान हो जाएगी ।

Source : Reuters

04:40 PM, Jul 26, 2026

दुबई RTA: इंजन और ज्यादा शोर वाली मॉडिफिकेशन को नहीं मिलेगी परमिशन

दुबई में गाड़ी मॉडिफाई कराने की सोच रहे भारतीय कार ओनर्स के लिए ये नियम जानना जरूरी है, वरना पैसे और समय दोनों बर्बाद हो सकते हैं।

माडफाइड कार
Image Credit : Sarah / Pexels

दुबई की Roads and Transport Authority (RTA) ने साफ कर दिया है कि वो गाड़ियों के इंजन में बड़े बदलाव, ज्यादा नॉइज़ लेवल या फैक्ट्री स्पेसिफिकेशन बदलने वाली किसी भी मॉडिफिकेशन के लिए परमिट जारी नहीं करती। अथॉरिटी के मुताबिक, ये पाबंदी रोड यूजर्स की सेफ्टी सुनिश्चित करने और गाड़ियों को अप्रूव्ड सेफ्टी स्टैंडर्ड्स के दायरे में रखने के लिए लगाई गई है।

RTA के Licensing Agency के CEO अहमद महबूब ने व्हीकल ओनर्स से अपील की कि कोई भी मॉडिफिकेशन कराने से पहले अथॉरिटी से सलाह जरूर लें। उन्होंने चेताया कि कई बार लोग भारी खर्च करके गाड़ी मॉडिफाई करा लेते हैं, लेकिन बाद में पता चलता है कि वो रेगुलेटरी रिक्वायरमेंट्स पूरी नहीं करती।

arabsamachar.com की नजर से: दुबई में गाड़ी का शौक रखने वाले भारतीय ओनर्स को मॉडिफिकेशन कराने से पहले RTA से क्लियरेंस जरूर लेनी चाहिए, ताकि बाद में जुर्माना या गाड़ी जब्त होने जैसी परेशानी से बचा जा सके।

दुबई में एक बड़ी संख्या में भारतीय ड्राइवर हैं और आपको ये पता ही होगा की गाड़ी चलाते समय अगर RTA का फाइन आया तो कंपनी आपके से वसूलती है और मैन्ट्नन्स की कमी के कारण अगर गाड़ी पर फाइन आया तो ओनर आपको बोल सकता है की आपने बताया क्यू नही क्युकी ये आपकी जिम्मेदारी है ।

Source : Dubai Media Office

03:22 PM, Jul 26, 2026

MoHRE ने शुरू की Tabby के जरिए किस्तों में फीस भरने की सुविधा

UAE में काम करने वाले भारतीय वर्कर्स और एम्प्लॉयर्स के लिए ये सुविधा फीस और जुर्माने का बोझ आसान बना सकती है।

दुबई क्रीक बोट
Image Credit : Walid Ahmad / Pexels

UAE की Ministry of Human Resources and Emiratisation (MoHRE) ने एक नई पेमेंट सुविधा शुरू की है, जिसके तहत अब कस्टमर्स सर्विस फीस और एडमिनिस्ट्रेटिव जुर्माने की रकम "Tabby" के जरिए किस्तों में भर सकते हैं।

इस सुविधा के तहत पेमेंट को 4 से 12 महीनों के बीच बांटकर चुकाया जा सकता है, जिसकी अधिकतम ट्रांजैक्शन लिमिट AED 20,000 रखी गई है। ये सर्विस मिनिस्ट्री के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है, जहां पेमेंट करते समय यूजर्स Tabby इंस्टॉलमेंट ऑप्शन चुन सकते हैं।

arabsamachar.com की नजर से: UAE में कई भारतीय वर्कर्स और छोटे बिजनेस ओनर्स के लिए एकसाथ बड़ी फीस या जुर्माना भरना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में किस्तों वाली ये सुविधा उनके लिए फाइनेंशियल बोझ कम करने का एक अच्छा विकल्प बन सकती है, बशर्ते समय पर किस्तें चुकाई जाएं ताकि कोई एक्स्ट्रा चार्ज न लगे।

Source : MoHRE

UAE सरकार ने बदला सैलरी का नियम
02:28 PM, Jul 26, 2026

सऊदी अरब में एक हफ्ते में करीब 15,000 रेजिडेंसी और लेबर लॉ उल्लंघन के मामले पकड़े गए

सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय वर्कर्स के लिए ये जानना जरूरी है कि रेजिडेंसी और लेबर लॉ को लेकर वहां सख्ती लगातार बनी हुई है और ऐसे में अगर आप भी सऊदी अरब के रेजिडेंसी और लेबर लॉ के अनुसार नही चलते तो कानूनी कार्यवाही आप पर भी हो सकती है ।

सऊदी अरब मस्जिद
Image Credit : Fahad Puthawala / Pexels

सऊदी अरब की Ministry of Interior ने बताया कि 16 से 22 जुलाई के बीच चलाए गए नेशनवाइड इंस्पेक्शन कैंपेन में कुल 14,970 लोगों को रेजिडेंसी, लेबर और बॉर्डर सिक्योरिटी लॉ के उल्लंघन में गिरफ्तार किया गया।

मिनिस्ट्री के मुताबिक, इनमें 7,437 लोग रेजिडेंसी लॉ के उल्लंघन में, 3,991 लोग बॉर्डर सिक्योरिटी लॉ के उल्लंघन में और 3,542 लोग लेबर लॉ के उल्लंघन में पकड़े गए। इसके अलावा 1,626 लोगों को अवैध रूप से देश में घुसने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 62 प्रतिशत इथियोपियाई नागरिक थे, 37 प्रतिशत यमनी नागरिक थे और बाकी 1 प्रतिशत दूसरी नेशनैलिटी के थे।

arabsamachar.com की नजर से: सऊदी अरब में रेजिडेंसी और लेबर नियमों को लेकर सख्ती लगातार जारी है, ऐसे में वहां रहने वाले भारतीय वर्कर्स को अपने इकामा, वर्क परमिट और डॉक्यूमेंट्स हमेशा अपडेटेड रखने चाहिए ताकि किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।

Source : Saudi Gazette / Ministry of Interior

सऊदी अरब ने रेज़िडेन्सी और लेबर नियमों को तोड़ने वालों पर की सख्त कारवाई
01:36 PM, Jul 26, 2026

चीन ने Trip.com पर लगाया $765 मिलियन का भारी जुर्माना

ऑनलाइन ट्रैवल बुकिंग करने वाले भारतीय एक्सपैट्स के लिए ये खबर दिखाती है कि बड़ी ट्रैवल कंपनियों पर रेगुलेटरी नजर कितनी सख्त होती जा रही है जबकि trip.com खाड़ी देशों मे काम करने वाले भारतीयों के बीच खासा फेमस है ।

ट्रिप डॉट कॉम
Image Credit : Jeyakumaran Mayooresan / Unsplash

चीन के मार्केट रेगुलेटर ने देश की सबसे बड़ी ऑनलाइन ट्रैवल कंपनी Trip.com Group पर मोनोपॉली कानून तोड़ने के आरोप में 5.18 बिलियन युआन (करीब $765 मिलियन) का भारी जुर्माना लगाया है और ये रकम जब्त भी कर ली है।

China's State Administration for Market Regulation (SAMR) ने जनवरी में Trip.com के खिलाफ जांच शुरू की थी, जिसमें कंपनी पर मार्केट में अपनी दबदबे वाली स्थिति का गलत इस्तेमाल कर एंटी-मोनोपॉली कानून तोड़ने का शक जताया गया था। चीन इससे पहले भी बड़ी टेक और ई-कॉमर्स कंपनियों पर सख्त कार्रवाई कर चुका है, जिसमें 2020 के आखिर में Alibaba पर हुई कार्रवाई काफी चर्चा में रही थी।

arabsamachar.com की नजर से: Trip.com जैसी कंपनियां गल्फ में रहने वाले भारतीयों के बीच भी ट्रैवल बुकिंग के लिए काफी पॉपुलर हैं। ऐसे में चीन का ये सख्त कदम दिखाता है कि बड़ी टेक और ट्रैवल कंपनियों पर मॉनिटरिंग अब पहले से कहीं ज्यादा सख्त हो चुकी है।

ऐसी बड़ी कंपनी बड़ी प्रसिद्धि पाने के बाद भी कानूनी दायरे मे आती हैं और लोकल कानून को नजरंदाज नही कर सकतीं ।

Source : Reuters

11:50 AM, Jul 26, 2026

चीन की इंडस्ट्रियल प्रॉफिट ग्रोथ जून में लगातार दूसरे महीने धीमी पड़ी

ग्लोबल इकॉनमी में चीन की स्थिति का असर तेल कीमतों, ट्रेड और गल्फ बिजनेस माहौल पर भी पड़ता है, इसलिए यहां रहने वाले भारतीयों के लिए ये जानना उपयोगी है।

चीन स्टील फैक्ट्री
Image Credit : Willians Huerta / Pexels

चीन की इंडस्ट्रियल प्रॉफिट ग्रोथ जून में सालाना आधार पर 15.1 प्रतिशत बढ़ी, लेकिन ये लगातार दूसरा महीना है जब ग्रोथ रेट धीमी पड़ी है। National Bureau of Statistics के मुताबिक, तेल कीमतों में नरमी की वजह से उस प्राइस बूस्ट में कमी आई, जिसने इस साल कंपनियों के मुनाफे को सहारा दिया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल चिप और इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में AI से जुड़ी तेजी ने इंडस्ट्रियल कॉर्पोरेट कमाई को रिकवर करने में मदद की थी। अब इकोनॉमिस्ट्स की नजरें इस हफ्ते होने वाली Politburo मीटिंग पर टिकी हैं, जहां किसी बड़े स्टिमुलस पैकेज के बजाय नरम भाषा वाली पॉलिसी की उम्मीद जताई जा रही है।

arabsamachar.com की नजर से: चीन की इकॉनमी में सुस्ती का असर ऑयल डिमांड और ग्लोबल ट्रेड पर पड़ सकता है, जिससे गल्फ इकॉनमी और यहां काम कर रहे भारतीय बिजनेस प्रोफेशनल्स को भी सतर्क रहना चाहिए।

चीन दुनिया के सबसे बड़े तेल आयात करने वाले देशों मे से एक है और तेल में बढ़ती तेजी से चीन के इकॉनमी पर सीधा असर पड़ रहा है ।

Source : CNBC

11:31 AM, Jul 26, 2026

UAE का इकलौता साल भर बहने वाला वॉटरफॉल Wadi Wurayah अब पब्लिक के लिए खुला

UAE में वीकेंड ट्रिप या नेचर टूरिज्म पसंद करने वाले भारतीय परिवारों के लिए ये एक नई और यूनीक जगह है, जो गर्मी में भी घूमने लायक है।

वादी UAE
Image Credit : Fahad Puthawala / Pexels

फुजैराह के हज्जर पहाड़ों में गहराई में छिपा Wadi Wurayah, UAE का इकलौता ऐसा नेचुरल वॉटरफॉल है जो गर्मी के सबसे तेज महीनों में भी बहता रहता है। यहां चट्टानी रास्तों से साफ पानी बहता है और सूखे लैंडस्केप के बीच झरने फूटते हैं।

तपती गर्मी मे भी ऐसा वॉटरफॉल बहुत सारे टुरिस्ट और रेसीडेंट्स को अपनी ओर आकर्षित करेगा ।
सालों तक ये खूबसूरत माउंटेन इकोसिस्टम आम लोगों की पहुंच से दूर रहा, क्योंकि यहां वैज्ञानिक वन्यजीवों पर रिसर्च करते रहे और अथॉरिटीज इसके नाजुक हैबिटेट को संरक्षित करने में जुटी रहीं। अब जनवरी से इस UNESCO-लिस्टेड रिजर्व को कंट्रोल्ड पब्लिक टूर्स के लिए खोल दिया गया है। विजिट Fujairah Holidays के जरिए बुक की जा सकती है, जिसकी शुरुआती कीमत AED 300 है।

arabsamachar.com की नजर से: UAE में रहने वाले भारतीय परिवार अक्सर वीकेंड पर घूमने की जगह ढूंढते हैं। Wadi Wurayah जैसी नेचुरल और ठंडी जगह गर्मी में भी एक बेहतरीन आउटिंग ऑप्शन बन सकती है, खासकर बच्चों और नेचर लवर्स के लिए। यह जगह कैम्पिंग के शौकीन लोगों के लिए भी अच्छी हो सकती है ।

Source : Khaleej Times

10:30 AM, Jul 26, 2026

पाकिस्तान ने अमेरिका से मांगी $10 बिलियन की आर्थिक मदद

गल्फ में रहने वाले पाकिस्तानी एक्सपैट्स की बड़ी संख्या को देखते हुए, क्षेत्रीय इकॉनमी पर असर डालने वाली ये खबर भारतीय एक्सपैट्स के लिए भी जानना उपयोगी है।

इस्लामाबाद पाकिस्तान
Image Credit : Wasif Mehmood / Pexels

पाकिस्तान ने अपनी कमजोर होती इकॉनमी को संभालने के लिए अमेरिका से फिर $10 बिलियन की एक्सचेंज स्टेबलाइजेशन फैसिलिटी मांगी है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि इस्लामाबाद अपने फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व और करेंसी पर बढ़ते दबाव को कम करना चाहता है।

और अगर अमेरिका के तरफ से ये रकम मिलती है तो गिरती हुए एकोनोमी को कुछ समय के लिए भी संभाला जा सकता है ।

ये रिक्वेस्ट ऐसे समय आई है जब पाकिस्तान पिछले कई दशकों के सबसे बड़े इकोनॉमिक क्राइसिस से जूझ रहा है, वो भी तब जब IMF का बेलआउट प्रोग्राम पहले से चल रहा है। अगर ये फैसिलिटी मंजूर होती है, तो इससे कैश-क्रंच से जूझ रहे पाकिस्तान को बड़ी फाइनेंशियल राहत मिल सकती है, साथ ही मल्टीलेटरल लेंडर्स पर उसकी निर्भरता भी कुछ हद तक कम होगी।

पाकिस्तान की इकॉनमी पर असर पड़ने से रीजनल करेंसी और ट्रेड इक्विलिब्रियम पर भी असर पड़ सकता है, जिस पर गल्फ में बिजनेस करने वाले भारतीयों को भी नजर रखनी चाहिए क्युकी पाकिस्तान का एक बड़ी मात्र में खाड़ी देशों के साथ व्यापार होता है ।

पाकिस्तान की व्यापरिक रणनीति का सीधा असर खाड़ी देशों के उत्पादों के दामों पर भी पड़ता है ।

Source : Reuters

09:28 AM, Jul 26, 2026

डार्क मैटर के एक छिपे हुए 'पांचवें आयाम' से होकर गुजरने की आशंका, नई रिसर्च में दावा

गल्फ में स्पेस और साइंस में दिलचस्पी रखने वाले भारतीय पाठकों और स्टूडेंट्स के लिए एक रोचक जानकारी है।

डार्क मैटर अंतरिक्ष
Image Credit: Kein-Lander / Pexels

डार्क मैटर एक ऐसी चीज है जो हमें दिखती नहीं, लेकिन वैज्ञानिकों को पता है कि ये ब्रह्मांड में मौजूद है, क्योंकि इसका असर तारों और गैलेक्सी की मूवमेंट पर दिखता है। अभी तक हम जानते हैं कि हमारी दुनिया में चार डायमेंशन (आयाम) हैं — लंबाई, चौड़ाई, ऊंचाई और समय।

वैज्ञानिक डार्क मैटर को पाँचवे आयाम से जोड़कर देख रहे हैं । नई रिसर्च में वैज्ञानिकों ने एक दिलचस्पी बात कही है, शायद डार्क मैटर एक पांचवें, छिपे हुए डायमेंशन से होकर भी गुजरता है, जिसे हम अभी देख या समझ नहीं पाते।

वैज्ञानिकों का कहना है कि इस पांचवें डायमेंशन की खास बनावट की वजह से डार्क मैटर के छोटे-छोटे कण एक खास पैटर्न में सेट हो जाते हैं, बिल्कुल वैसे जैसे वायलिन का तार सही सुर पर बजाने से जोर से गूंजता है।

यूनिवर्सिटी ऑफ शेफील्ड के प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. यू-दाई त्साई का कहना है कि ये थ्योरी आगे चलकर ये समझने में मदद कर सकती है कि डार्क मैटर को खोजना इतना मुश्किल क्यों है।

arabsamachar.com की नजर से देखे तो ब्रह्मांड को समझने की दिशा में साइंस अभी भी नए-नए राज खोल रहा है, और ऐसी खोजें भविष्य में स्पेस साइंस को नई दिशा दे सकती हैं। ब्रह्मांड के राज धीरे धीरे उन पर शोध करने से खुलते हैं और अभी इनपर बहुर रिसर्च होना बाकी है ।

Source: Dailymail

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