दुबई कोर्ट नें गायब होने वाली स्याही से चेक बनाने वाले को 1.7 मिलियन दिरहम भरने का आदेश दिया
UAE में बिजनेस या पर्सनल लेन-देन में चेक का इस्तेमाल करने वाले भारतीयों के लिए ये केस फ्रॉड से बचने की सीख देता है। गायब होने वाली स्याही से चेक पर बने साइन कुछ समय बाद गायब हो जाते हैं ।

दुबई सिविल कोर्ट ने एक अरब नागरिक को 1.7 मिलियन दिरहम चुकाने और मुआवजा देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने पाया कि उस व्यक्ति ने जानबूझकर एक खास करेक्शन फ्लूइड से चेक तैयार किया था, जिसकी डिटेल्स समय के साथ बदल जाती थीं, जिससे बैंक में पेश करने पर चेक अमान्य हो गया।
कोर्ट रिकॉर्ड्स के मुताबिक, ये विवाद तब शुरू हुआ जब क्लेमेंट ने डिफेंडेंट को 1.7 मिलियन दिरहम दिए थे और इसके बदले सिक्योरिटी के तौर पर एक चेक लिया था।
दुबई कोर्ट ने डिफेंडेंट को पूरी चेक राशि चुकाने, चेक की देय तारीख से लेकर पूरा भुगतान होने तक 5 प्रतिशत सालाना ब्याज देने, और कई साल तक चली इस कानूनी लड़ाई के दौरान हुए नुकसान के लिए 30,000 दिरहम अतिरिक्त मुआवजा देने का आदेश दिया।
arabsamachar.com की नजर से: UAE में बड़ी रकम का लेन-देन करते समय चेक की सिक्योरिटी वेरिफाई करना जरूरी है, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके क्युकी अगर चेक पर बने साइन गायब होने वाली स्याही से लिखे गए हैं तो कुछ समय बाद साइन गायब होने के साथ साथ बहुत हल्के रंग का भी हो सकता है और इसकी वजह से बैंक उसे स्वीकार नही करती ।
Source : Khaleej Times









